विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (12 जून) पर विशेष
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (12 जून) पर विशेष प्रयागराज : शिक्षा जीवन का आलोकिक और उसके उन्नयन का सर्वोत्तम साधन है। इसलिए शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकता निर्विवाद है। जीवन में शिक्षा की महत्ता को समझते हुये ही 6-14 आयु वर्ग के समस्त बच्चों को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा सुलभ कराने का संकल्प संविधान में है। संविधान के निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभिक शिक्षा के प्रचार प्रचार तथा सार्वजनीकरण के लिए व्यापक योजनाएं एवं नीतियां बनाई गयीं। विभिन्न कारणों से शिक्षा से विमुख होकर बाल श्रम की ओर भागते बच्चों की समस्या पर सम्पूर्ण-जगत का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल 'विश्व बाल श्रम निषेध दिवस' मनाया जाता है। संविधान में मूल अधिकारों के अनुच्छेसद 24 के अंतर्गत बाल श्रम प्रतिबंधित है। शिक्षा या अन्य कारणवश किसी भी अभाव में बाल-मजदूरी की ओर बढ़ते बच्चों को कैसे रोका जाए आज यह अत्यंत चिन्तनीय विषय बन गया है। शहरी क्षेत्रों में कोरोनाकाल में जहां ऑनलाइन माध्यम से बच्चे स्कूल से जुड़े रहे हैं। पर वहीं ग्रामीण अंचल में नेटवर्क नहीं होने से ऑनलाइन पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस वजह से ग्रा...