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साइकोलॉजिकल इम्यूनिटी के लिए आवश्यक है भरपूर नींद

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  साइकोलॉजिकल इम्यूनिटी के लिए आवश्यक है भरपूर नींद  स्वस्थ नींद के लिए अपनाएं स्लीप हाईजीन के टिप्स प्रयागराज: वर्तमान में कोविड-19 के संक्रमण से पूरा देश लड़ रहा है। कोरोना शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी लोगों को परेशान कर रहा है। इस लड़ाई में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को एक बड़ा हथियार माना जा रहा है। उचित पोषण लेने से लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन आज शारीरिक क्षमता के साथ ही साइकोलॉजिकल इम्यूनिटी या मनोवैज्ञानिक प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए आवश्यक है अच्छी नींद। मोतीलाल मण्डलीय चिकित्सालय की नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. ईशान्य राज कहती हैं कि कोविड-19 के कारण लोग अपने घरो में रहने को मजबूर हैं, रोज़गार के साथ ही भविष्य की चिंता भी लोगो में बढ़ रही है। खासकर कोरोना से किसी भी तरह से प्रभावित लोगों में मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ा है। चिंता, अवसाद और अफवाहों के चलते लोगों की नींद पर भी बहुत असर पड़ रहा है जो चिंता की बात है । क्योंकि नींद शरीर को आराम देने के साथ ही साइकोलॉजिकल इम्यूनिटी या मनोवैज्ञानिक प्रतिरोधक क्षमता देने का कार्य भ...

अभिभावकों की जागरूकता बनेगी मासूमों का सुरक्षा कवच

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प्रयागराज: कोविड-19 संक्रमण के आंकड़ों में लगातार कमी दर्ज होना राहत की बात है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कोरोना गाइडलाइन जारी कर स्कूलों को पूर्ण रूप से खोलने की अनुमति दे दी है। महीनों से घर में बैठे बच्चे स्कूल खुल जाने से बेहद खुश व उत्साहित हैं। लेकिन कोरोना पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुआ है ऐसे में अभिववकों कि चिंता स्वाभाविक है।  कोरोना पॉजिटिव बच्चों में ज़्यादातर लक्षण एसिम्टोमेटिक  बच्चों के स्वास्थ के लिए अभिववकों को भी सतर्क रहने की जरूरत  परिवार का कोई सदस्य कभी पॉज़िटिव रहा है तो बच्चे को स्कूल ना भेजें  यात्रा से लौटे अभिवावक अपनी आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आने पर ही बच्चे को स्कूल भेजें कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए हैं पर कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है। बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा कारण बच्चों की कमजोर प्रतिरोधक क्षमता है। ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की रिपोर्ट के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के सभी कोरोना पॉजिटिव बच्चों में कोरोना के ज़्यादातर लक्षण एसिम्टोमैटिक देखने को मिले हैं। यह लक्षण बिल्कुल सामान्य होते हैं। संक्रमित व्यक...

कोरोना की उलटी गिनती शुरू, स्वास्थ्य कर्मियों को लगा कोरोना का पहला टीका 

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प्रयागराज- जिले में 425 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना का पहला टीका लगने के साथ ही शनिवार को कोविड – 19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। शाम पांच बजे तक जिले के 425 लोगों को कोविड -19 टीका से प्रतिरक्षित किया गया। प्रतिरक्षित लोगों को कोविड – 19 टीका की अगली डोज के लिए 15 फरवरी की तारीख दी गई है। इसके लिए उनके मोबाइल पर मैसेज भी आएगा। जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर राय मेडिकल कॉलेज जा कर कोविड – 19 टीकाकरण अभियान का निरीक्षण किया।जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस कि अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। विश्व में तबाही मचाने वाले कोविड-19 वायरस जैसी विकराल समस्या का अब समाधान निकल चुका है। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के कुल 6 अस्पतालों में भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निगरानी में टीके को लांच किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर राय ने बताया कि जनपद में कोरोना को मात देने के लिए वैक्सीन की डोज जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। शनिवार को लांचिंग के लिए जिला, ब्लॉक एवं सत्र स्तर पर नोडल अधिकारियों और पर्यवे...

माघ मेला- आस्था संग अहतियात की वैक्सीन से हारेगा कोरोना

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प्रयागराज- मकर संक्राति पर माघ मेला में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माघ-मेला प्रशासन ने कमर कस ली है। पूरा मेला कोविड-19 प्रोटोकाल के दायरे में होगा। मेले में कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए क्राउड मैनेजमेंट टीम पूरे मेला क्षेत्र में सक्रिय है। अहतियात के साथ हर छोटे-बड़े पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। ए.सी.एम.ओ. व सब चार्ज मेला डॉ. आर.एस. ठाकुर ने कहा कि मेला में आए सभी श्रद्धालुओं को कोविड-19 प्रोटोकाल का पूर्णतः पालन करना होगा। ऐसे में सुरक्षित व यादगार त्रिवेणी दर्शन के लिए श्रद्धालु इन बातों का ध्यान जरूर रखें - अस्वस्थ होने पर यात्रा न करें घर से निकलने से पहले अपने व साथ चलने वाले संबंधियों के स्वास्थ की जानकारी लें। कोशिश करें बच्चों व बुजुर्गों के सभी उपयोगी सामान रख लें। अस्वस्थ होने पर घर से न निकलें और न ही अस्वस्थ व्यक्ति के साथ यात्रा करें। बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ़ जैसे लक्षण महसूस हो तो अपने साथ आए संबंधियों से भौतिक दूरी बना लें। मेले में लगे स्वास्थ शिविर में मौजूद डॉक्टर से सलाह लें। आवश्यकता पड़ने पर कोविड सैंपलिंग मो...

कोरोना वैक्सीन प्रयागराज : छः स्थानों पर आज होगा टीकाकरण का ड्राई रन

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  प्रयागराज, 04 जनवरी 2021- कोरोना के टीकाकरण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इसके साथ ही दो स्वदेशी वैक्सीनों को अनुमति भी मिल चुकी है। वैक्सीन आने की पूरी सम्भावना बन चुकी है और वैक्सीन कभी भी आ सकती है। वैक्सीन की सुरक्षा के सभी इंतजाम किये जा रहे हैं। इसी क्रम में निगरानी के लिए कैमरा भी लगाये जा रहे हैं।  कोरोना टीकाकरण की सभी तैयारी पूर्ण हो चुकी हैं और हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी कमी न रहे। वैक्सीन की सुरक्षा को देखते हुए जिले के उन सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जहाँ वैक्सीन रखी जाएगी, वैक्सीन स्टोर और कोल्ड चेन रूम के अन्दर और बाहर सी.सी.टी.वी/ कैमरा लगाये जा रहे हैं। इससे वैक्सीन की सुरक्षा और निगरानी हो सकेगी। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए सभी ब्लॉक पर ब्लॉक कंट्रोल समिति का गठन किया जा रहा है। हर समय कोल्ड चेन पॉइंट्स और टीकाकरण के समय निगरानी और सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात किये जा रहे हैं। आज चलेगा ड्राई रन, शाम को मुख्यमंत्री करेंगे कोविड वैक्सीनेशन की तैयारी की समीक्षा- उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राहुल ने बताया कि मंगलवार को जिले के छः केन्द्रो...

नव वर्ष में लें संकल्प, अपने साथ दूसरों का भी रखें खयाल, सक्षम हैं तो करें मदद : अंजलि सिंह

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  प्रयागराज:    वैश्विक महामारी कोविड -19 से विश्व के अरबों-खरबों नागरिकों के जीवन में जिस तरह से उथल-पुथल मचा है वह भविष्य में कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। लाखों लोगों की जानें चली गईं, लोगों का रहन सहन बदल गया। साल 2020 के स्वागत में जश्न मनाते समय किसी ने यह नहीं सोचा होगा कि यह वर्ष उनके जीवन के सबसे भयावह वर्ष के रूप में जाना जाएगा।  अचानक से आई इस महामारी ने लोगों को संभलने का मौका भी नहीं दिया। सारे काम बंद हो गए, लोग अपने घरों में कैद हो गए। गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को खाने को लाले पड़ गए। परंतु इस भयावहता के बीच भी हमारे पास सकारात्मक होने की कई वजहें हैं। इस आपदा ने हमें प्रकृति के करीब ला दिया। हमें अपनों के पास बैठने और उनसे बेहतर संवाद स्थापित करने का मौका दिया। कुछ पल सुकून से घर में बिताने का मौका मिला। साथ ही साफ सफाई एवं स्वच्छता को अपने जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनाना भी सिखाया। कोरोना काल ने हमें अपने आदर्शों एवं मूल्यों से भी अवगत कराया जिन्हें हम कब का भूल चुके थे। इसने हमें सीमित संसाधनों में भी जीवनयापन करना सिखाया। कोरोना के खतरे के कारण आवगमन ब...

जीवन की सुरक्षा करना ही सबसे बड़ा कार्य- सी.एम.ओ.

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  प्रयागराज : कोरोना टीकाकरण को लेकर सभी ब्लॉकों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण हुआ। यह प्रशिक्षण सी.एम.ओ. ऑफिस के सभागार में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में वैक्सीनेशन सेंटर पर कार्ययोजना को लेकर सभी बी.सी.पी.एम., बी.पी.एम. व डेटा ऑपरेटर्स को उनकी व अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर प्रशिक्षित किया गया।  मंगलवार को सी.एम.ओ. ऑफिस के सभागार में कोरोना वैक्सीनेशन पर ब्लॉक स्तरीय प्रबंधकों व डेटा ऑपरेटर्स को उनकी व अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जनपद के सभी ब्लॉकों से कार्यक्रम प्रबंधक, सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक सहित डेटा ऑपरेटर मौजूद रहें। सी.एम.ओ. डॉ. प्रभाकर राय ने सभी प्रतिभागियों को कोरोना के टीकाकरण को लेकर विस्तार से जानकारी दी और टीकाकरण की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जीवन की सुरक्षा करना ही सबसे बड़ा कार्य है, जिसे हमें बहुत ही गंभीरता और ज़िम्मेदारी के साथ निभाना है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन सत्र स्थल पर लाभार्थी के अलावा कोई भी अन्य व्यक्ति नहीं जायेगा। वैक्सीनेशन के सह प्रभाव और उसके प्रबंधन पर हमारा पूरा ध्यान है। इसके लिए ...

कोविड-19 उपचार और निगरानी की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ

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प्रयागराज :  आईसीएमआर ने नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद पॉल और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग में सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव की सह अध्यक्षता में कोविड-19 पर बने राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) की एक बैठक बुलाई। बैठक में एम्स के निदेशक प्रो. रणदीप गुलेरिया; भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई); निदेशक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी); स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर के अन्य प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। एनटीएफ का मुख्य उद्देश्य हाल में यूके में वायरस का नया रूप सामने आने की खबरों को देखते हुए सार्स-सीओवी-2 के लिए परीक्षण, उपचार और निगरानी की रणनीतियों में प्रमाण आधारित संशोधनों पर चर्चा करना था। वायरस के इस रूप में गैर समानार्थी (अमीनो एसिड में बदलाव) परिवर्तन, 6 समानताएं (गैर अमीनो एसिड बदलाव) और 3 विलोपन हैं। आठ परिवर्तन (म्यूटेशंस) स्पाइक (एस) जीन में मौजूद हैं, जो एसीई2 रिसेप्टर्स की बाइंडिंग साइट (रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन) का वहन करते हैं, जो मानव श्वसन कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश का बिंदु है। एनटीएफ में सार्स-सीओवी-2 के साथ-...

प्रयागराज: कोरोना के टीकाकरण की तैयारी हुई और तेज़

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प्रयागराज – कोरोना वैक्सीन के जल्द आने की संभावना से सभी तरफ एक उम्मीद जागी है। माना जा रहा है कि जनवरी तक कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। हर स्तर पर इसकी तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं। जिला स्तर पर अगले दो दिनों में टीकाकरण के लिए सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना वैक्सीनेशन के लिए प्रशिक्षित कर लिया जायेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व ए.सी.एम.ओ. डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन के लिए जिला स्तर पर सभी सी.एच.सी. और पी.एच.सी. के प्रभारी व चिकित्सा अधिकारियों का प्रशिक्षण मंगलवार तक पूरा कर लिया जायेगा। इसके बाद प्रशिक्षित अधिकारी अपने स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। पहले चरण में कोरोना वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी। ए.एन.एम. भी टीकाकरण करने के लिए प्रशिक्षित होती हैं। इसलिए पूरी कोशिश है कि 25 दिसम्बर से पहले ए.एन.एम. स्तर तक वैक्सीनेशन प्रशिक्षण पूरा कर लिया जाये। राज्य स्तर पर जिले के सभी अधिकारियों का प्रशिक्षण दो दिन पहले ही पूर्ण हो चुका है। वैक्सीनेशन के लिए पहले ही सभी सरक...

महामारी ने खोलें नए आयाम, दिए परिवार को पुनः साथ आने के अवसर: प्रेमा राय

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  ( सिटिज़न जर्नलिस्ट ) प्रेमा राय, पूर्व सहायक शिक्षा निदेशक, प्रयागराज, उत्त्तर प्रदेश प्रयागराज: वैश्विक महामारी कोविड-19 प्रबलतम क्षमता के साथ अभूतपूर्व चुनौती बनकर आ खड़ी है। इसने दुनिया को हतप्रभ कर चिकित्सा जगत के पुरोधाओं के होश उड़ा दिये हैं। संसार के सर्वाधिक धनाढ्य एवं संसाधन संपन्न देशों ने भी इसके आगे अपने घुटने टेक दिये। लेकिन एक ऐसा देश भी है जिसनें अपनी सकारात्मक सोच व सांस्कृतिक क्रिया-कलापों के बल पर इस महामारी की चुनौतियों का डटकर सामना कर रहा है। जिसका उदाहरण यह भी है की वैश्विक महामारी के दौर में भारत सबसे कम मृत्यु दर वाला देश बन गया है।          कोविड-19 महामारी ने हमे दुख देने के साथ बहुत कुछ ऐसा दिया जिसके विषय मे हमने कभी सोचा नहीं था। जिसने भारतीय संस्कृति के उन मूल्यों की जीवन शैली को पुनर्स्थापित किया जो विस्मृति के गर्त मे चले गये थे। "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क रहता है”, इस मंत्र से हम उदासीन हो चले थे। महामारी से लड़ने के लिये प्रतिरोधक क्षमता की अनिवार्यता और उपयोगिता को हमने समझा जिसे अंग्रेजी दवाओं के आगे हम भूल गए थे।...

सुनिए : कोरोना विजेताओं ने क्यों बदल डाली अपनी जीवन शैली

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प्रयागराज - कोविड-19 संक्रमण के आंकड़ों में दर्ज होती कमी सकारात्मक उम्मीद पैदा कर रही है। एक तरफ लोगो ने जहां इस वैश्विक महामारी से बचने के लिए मास्क और दो गज से दूरी को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है वहीं शहर के कई कोरोना विजेताओं ने अपनी जीवन शैली ही बदल डाली है। कोरोना विजेताओ ने कोविड-19 से पहले और वर्तमान के जीवन में क्या बदलाव किया है। जीत पाल सिंह कमलाकुंज अपार्टमेंट के कोरोना विजेता जीत पाल सिंह (54) ने बताया कि ‘बिज़नस पार्टनर्स के साथ मीटिंग के लिए कोरोना-काल में अक्सर दूसरे राज्य व शहर आना-जाना जारी रहा। इस बीच मैं व मेरे सहयोगी सभी ने प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन किया। पर मैं कैसे संक्रमित हो गया यह मेरे लिए हैरत का विषय था। अभी मैं स्वस्थ हूँ पर प्रयास यही रहता है कि ऑनलाइन माध्यम से बिज़नस पार्टनर्स से समन्वय स्थापित करूं। अतिआवश्यक होने पर ही कहीं जाता हूँ वह भी पूरी एहतियात के साथ। विपत्तियाँ अक्सर दुख के साथ कई सुख की संभावनाएं उजागर करती हैं, ऐसे में जीवन में सकारात्मक पहलू हमें तलाशने चाहिए। विनोद यादव कोरोना विजेता जीवन ज्योति क्षेत्र के चौकी इंचार्ज विनोद यादव ...

कोरोना : दिवंगत डाक्टरों के परिवार की मदद को विभिन्न संस्थाओं ने बढ़ाया हाथ

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प्रयागराज: कोविड-19 के उपचाराधीनों की मदद को हर पल तत्पर रहने वाले देश के करीब 800 चिकित्सकों ने इस दौरान कोरोना की चपेट में आकर अपने प्राणों की आहुति दी है । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष व कोरोना टास्क फ़ोर्स के सदस्य डॉ. सूर्यकांत ने इन शहीद चिकित्सकों पर एक लेख इन्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जर्नल में प्रकाशित किया था । उनकी यह पहल रंग लायी और विभिन्न संस्थाएं इन दिवंगत चिकित्सकों के परिवार की मदद को आगे आयीं हैं । इसी क्रम में उत्तर प्रदेश व बिहार के 12 चिकित्सकों के प्रति रविवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की गयी । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सूर्यकान्त रहे और  संचालन आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने किया।  एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए कोटा ​इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि जिस तरह से देश की सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैन्यकर्मियों को शहीद का दर्जा दिया जाता है, उसी प्रकार कोरोना से लोगों के प्राणों की रक्षा करते हुए जान गंवा...

प्रयागराज: जब तक दवाई नहीं तब तक हाथ धुलने में कतई ढिलाई ना करें

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प्रयागराज –   शरीर को निरोगी रखने के लिए हाथों की सही तरीके से सफाई में ही सभी की भलाई है । यह बात बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को समय-समय पर समझाई जा रही है क्योंकि कोरोना ने इसकी महत्ता को और बढ़ा दिया है । एक तरीके से यही सही मौका है कि हम इस आदत को इस तरीके से जीवन में ढाल लें कि फिर कभी इसको लेकर कोई चूक हो ही नहीं । चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि कोरोना ही नहीं कई अन्य बीमारियों से बचने के लिए साबुन-पानी से हाथों की अच्छी तरीके से कम से कम 40 सेकेण्ड तक सफाई बहुत जरूरी है । बीमारियों को ना दें दावत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित श्रीवास्तव का कहना है कि तमाम तरह के वायरस, बैक्टीरिया या मैल हमारे हाथों से होकर मुंह तक पहुँचते हैं और फिर शरीर के अन्दर या पेट तक पहुंचकर बीमारियों को जन्म देते हैं । इसलिए कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से बचना है तो समय-समय पर हाथों की स्वच्छता के सुनहरे मौके को कदापि न गँवाएं । उनका कहना है कि जब हम किसी से हाथ मिलाते हैं, वस्तुओं का हाथों के सहारे लेन-देन करते हैं या किसी वस्तु या सतह को स्पर्श करते हैं तो व...

बिना मास्क लगाये लोगों से रहें सावधान, हो सकते हैं कोरोना संक्रमित

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प्रयागराज: कोविड-19 महामारी के घटते आंकड़े और वैक्सीन आने की सम्भावना से जनता दिनो-दिन लापरवाह होती जा रही है। कोरोना के प्रति जागरूकता व अहतियात की अनदेखी आपकी व आपके अपनों की जान को जोखिम में डालने के लिए काफी है। बिना मास्क के बाज़ारों में भटकते लोग संक्रमण को हल्के में लेकर खुद के साथ पूरे समाज को खतरे में डाल रहे हैं। इसके भयावह परिणाम के संकेत समय रहते समझना जरूरी है। नासमझी से बढ़ रही लापरवाही जनपद की जनता को संकट में डालने के लिए पर्याप्त है। सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ए.सी.एम.ओ. डॉ. अमित श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड-19 महामारी को हल्के में बिल्कुल ना लें जब तक कि इस महामारी का कोई सफल टीका आप तक नहीं पहुँच जाता। वर्तमान समय में मास्क से बेहतर कोई उपयोगी वैक्सीन नहीं है। घर से किसी भी कार्य हेतु बाहर निकलें तो मास्क पहनें व सामाजिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन करें। घर के बच्चों व बुजुर्गों को बहुत आवश्यक होने पर ही बाहर जाने दें। ध्यान रहे किसी भी परिस्थिति में बिना मास्क सार्वजनिक स्थल पर ना जाएँ व बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति को घर में प्रवेश ना करने ...

पुस्तिका का विमोचन: बच्चों के मानसिक तथा मनोसामाजिक स्वास्थ्य पर आधारित

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   प्रयागराज:  मिशन शक्ति अभियान के तहत ‘बच्चों तथा किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक परामर्श’ पर महिला कल्याण विभाग-उत्तर प्रदेश द्वारा विशेष पुस्तिका तैयार की गयी है । इस पुस्तिका का विमोचन अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार व विश्व बाल दिवस पर शुक्रवार देर शाम ऑनलाइन किया गया । पहल विमोचन कार्यक्रम के विशेष अतिथि राज्य बाल संरक्षण आयोग- उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने कहा कि किशोर न्याय, बालकों की देखरेख व संरक्षण अधिनियम आने के बाद भी किशोरों के मानसिक व मनोसामाजिक स्वास्थ्य पर भलीभांति काम नहों हो पा रहा था । महिला कल्याण विभाग द्वारा की गयी यह पहल बहुत ही सराहनीय है क्योंकि इससे किशोर-किशोरियों को तनाव, चिंता व अवसाद को कम करने व उससे निपटने में बड़ी मदद मिलेगी । इस अवसर पर यूनिसेफ के डिप्टी चीफ-उत्तर प्रदेश अमित मेहरोत्रा ने कहा कि यह किताब बहुत ही सरल व सहज शब्दों में तैयार की गयी है । इससे अधिकारी, शिक्षक व देखभालकर्ता बच्चों और किशोरों व उनके परिवारों के सम्बंधित मुद्दों को आसानी से समझ सकेंगे और सरलता के साथ उनसे बातचीत कर सकेंगे । शक्ति संवाद इस अवसर पर ...

प्रयागराज :गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सेवाएं पुनः प्रारम्भ

गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सेवाएं पुनः प्रारम्भ  डायबिटीज़, हाईपर टेंशन व कैंसर की रोकथाम पर है ज़ोर  आशा कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा लाभ प्रयागराज - गैर संचारी रोग खासकर डायबिटीज़, हाईपर टेंशन और कैंसर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से काफी प्रयास किया जा रहा है I इसके अन्तर्गत इन बीमारियों का आंकलन कर रोगों के गंभीर होने से पहले ही उपचार देने हेतु हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर संभावित रोगियों की पहचान की जा रही है I इस कार्य में आशा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है I मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. (मेजर) जी.एस. बाजपेई ने बताया कि कोविड-19 के चलते हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (जन आरोग्य केन्द्र) पर कई स्वास्थ्य सेवाएं रुक दी जा रही हैं I इनमे गैर संचारी रोगों खासकर डायबिटीज़, हाईपर टेंशन व कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा भी दी जा रही है I यदि किसी व्यक्ति में स्क्रीनिंग के दौरान बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उसे बीमारी के आधार पर उचित परामर्श व उपचार दिया जाता है I कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर जा कर अपनी गैर संचारी रोगों की जाँच करवा सकता है I उन्ह...

कोरोना काल में पटाखों से दूरी - सेहत के लिए ज़रूरी

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प्रयागराज- कोविड-19 के दौर में पड़ने वाले त्योहारों को लेकर लोगों को सुरक्षित बनाने का हरसंभव प्रयास सरकार के साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी किया जा रहा है । दीपावली पर पटाखे जलाने की सदियों पुरानी परम्परा को इस बार नजरंदाज करके ही हम समुदाय को सेहतमंद बनाने में अपनी अहम् भूमिका निभा सकते हैं । इस समय वायु प्रदूषण और नमी की जद में प्रदेश के अधिकतर जिले हैं, ऐसे में पटाखे का जहरीला धुआं उड़कर ऊपर न जाकर नीचे हमारे इर्द-गिर्द ही रहकर सांस के साथ फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है । इसलिए सांस लेने में तकलीफ पैदा करने वाले कोरोना के साथ ही अन्य कई बीमारियों से बचने के लिए भी इस बार पटाखों से दूरी बनाने में ही सभी की भलाई है । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने लखनऊ समेत प्रदेश के 13 अधिक प्रदूषण वाले जिलों में पटाखे जलाने पर रोक लगा रखी है। उसके लिए इस बार पटाखे से दूर रहें सी.एम.ओ. डॉ. मेजर जी.एस. बाजपेई का कहना है कि दीपावली पर चन्द सेकेण्ड के धमाकों व तेज रोशनी के लिए की जाने वाली आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुंएँ में कई तरह के खतरनाक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं जो पर्यावरण को प्रदूषित करने ...

अपने शहर को संगठित होकर बचाएंगे कोरोना से: सिटीजन जर्नलिस्ट

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प्रयागराज: वैश्विक महामारी कोविड-19 का संक्रमण अभी भी थमा नहीं है। संक्रमण के मामले कुछ हद तक कम जरूर हुए हैं। जिसके चलते सरकार ने लॉकडाउन में जनता को बहुत सी रियायतें अब दे दी हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद हमारे सामने जो दुनिया होगी बहुत कुछ बदली हुई होगी। ऐसे में जनता के मन-मस्तिष्क में कैसे सवाल सुझाव व विचार आ रहे हैं यह जानना बेहद जरूरी है। वायरस का फैलाव वैश्विक हो जाना भयावह प्रयागराज के अल्लापुर क्षेत्र निवासी अल्का पाल (41) जो एक गृहणी हैं और साथ ही प्राथमिक विद्यालय रामगढ़, होलागढ़ प्रयागराज में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। कोरोना काल में हुए सामाजिक परिवर्तन व भविष्य की संभावनाओं पर अपना अनुभाव साझा करते हुए अल्का कहती हैं की कोरोना संक्रमण के बीच हमने जो दौर देखा उसने हमारी जीवनशैली के मायने पूरी तरह बदल दिए हैं। जीवन का हर पहलू इससे प्रभावित हुआ है। आज संक्रमण की जो गति है, उसे देखकर भविष्य की कल्पना करें तो डर लगता है। दुनियाभर में 2002-03 में सार्स की वजह से 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे। पर कोरोना वायरस का फैलाव वै...

आयुष्मान: 1 नवम्बर से ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड

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  प्रयागराज- प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत जनपद के सभी ब्लाकों में लक्षित परिवारों को इस योजना का लाभ पहुँचाने के लिए एक नवम्बर से ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं, इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेजर जी.एस. बाजपेई ने सख्त निर्देश दिए हैं। सी.एम.ओ. डॉ. मेजर जी.एस.बाजपेई ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना बहुत ही लाभकारी योजना है। इसके अन्तर्गत आने वाले परिवार/व्यक्ति को पांच लाख रूपये तक निःशुल्क उपचार का प्रावधान है। इससे मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना होने पर उपचार हेतु मदद मिल रही है। जिन क्षेत्रों में गोल्डन कार्ड नहीं बने थे वहाँ एक नवम्बर से ब्लॉक स्तर पर शिविर लगा कर लक्षित परिवार के सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आर.सी.पाण्डेय ने बताया कि जन आरोग्य योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभदायक योजना है जिसका लाभ बहुत से परिवारों को मिल रहा है। जिले में 13 लाख 98 हजार 385 गोल्डन कार्...

Enabling Environment and Strengthening Programmes for better SRH outcomes

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स्वास्थ समाचार/उत्तर प्रदेश  प्रयागराज- Creating an enabling social environment and strengthening programmatic actions related to information and services can go a long way in improving sexual and reproductive health outcomes, a new study has said. The UDAYA (Understanding the lives of adolescents and young adults) study – conducted on a cohort of more than 10,000 adolescents aged 10–19 years in Uttar Pradesh in 2015–16 and again in 2018-19—has recommended delaying age at marriage , improving retention of girls in higher education along with providing adolescents with information in schools and facilities about contraceptive methods and formalizing and monitoring the outreach of frontline health workers to unmarried and married adolescents and building their competency to effectively communicate with young people were some of the measures that can be taken to improve the sexual and reproductive health of adolescents. It is equally important, the study says to widen the sources th...