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गैर संचारी रोगों के प्रति युवा पीढ़ी को जागरूक करना जरूरी

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  प्रतापगढ़ :  बदलती जीवन शैली ने सबसे अधिक युवा पीढ़ी को प्रभावित किया है । जीवन में जल्दी से जल्दी बहुत कुछ हासिल कर लेने की चाह ने जहाँ उनके सुकून को छीन लिया है वहीँ उनके पास न तो सही से खाने का वक्त होता है और न ही सोने का । फ़ास्ट फ़ूड और दिखावे के लिए शराब और सिगरेट का सहारा लेने वाले युवाओं में हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और हाइपरटेंशन जैसे गैर संचारी रोग अब 30 साल की उम्र में ही शरीर पर कब्ज़ा जमाने लगे हैं, जबकि यह बीमारियाँ पहले 40 साल की उम्र के बाद की मानी जाती थीं । विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस पर सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, जिसका मूल मकसद लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए जरूरी परामर्श के साथ जागरूक भी करना है । हर साल अलग-अलग थीम पर मनाये जाने वाले दिवस की इस बार की थीम है- बिल्डिंग अ फेयरर, हेल्दियर वर्ल्ड (एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण) । चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना बहुत जरूरी है । इसके लिए जरूरी है कि सही पोषण के साथ ही ध्यान, योग और प्राणायाम को भी ज...

बोलने व सुनने में अक्षम बच्चो का उपचार संभव

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   प्रयागराज :  जन्म से सुनने और बोलने में सक्षम न होना एक गंभीर समस्या है जिसका असर आजीवन रह सकता है। यदि अभिभावक बच्चों की इन क्षमताओं को लेकर शुरुआती समय में सावधान रहें तो बच्चों को इस समस्या से बचाया जा सकता है। बच्चों में बोलने और सुनने की समस्या का सफल उपचार कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से संभव है। कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अमित केसरी के अनुसार जन्म के बाद जब बच्चा सुनना शुरू करता है तो ही उसमें बोलने की क्षमता का विकास होता है। आमतौर पर छ: माह की आयु तक अभिभावकों को पता चल जाता है कि उनके बच्चे को सुनने में कोई समस्या है या नहीं। यही समस्या होती है तो तुरंत चिकित्सक या इ.एन.टी. विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी एक सफल उपचार है जिससे सुनने की क्षमता विकसित हो जाती है। लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि यह पांच वर्ष तक के बच्चों में ही सफल होती है। इसलिए बच्चे की आयु पांच वर्ष होने से पहले ही उपचार करवाना आवश्यक है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से संचालित ‘बचपन डे केयर सेन्टर’ दिव्यांगजन बच्चों की प्री-प्राथमिक पाठशाला है। स्वरूपरान...

मास्क के प्रयोग से कम हुए टीबी संक्रमण के मामले : सीएमओ

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  प्रयागराज: जिला क्षय रोग अधिकारी के सभागार में सोमवार के दिन मीडिया कार्यशाला का आयोजन हुआ। 24 मार्च को होने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षय रोग उन्मूलन के प्रयास, उपलब्धियों, चुनौतियों व आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभाकर राय ने बताया कि जनपद में क्षय रोग को लेकर अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर जागरूकता एवं मरीज खोजी अभियान चलाए गए हैं। हर व्यक्ति स्वछता के पैमाने पर अपने दैनिक जीवन में सफल तौर पर खरा उतरेगा तो टीबी को हराना आसान हो जाएगा। मास्क के प्रयोग से टीबी संक्रमण के मामले कम हैं। पर हमें यह समझना होगा कि टीबी के इलाज में जरा सी लापरवाही मरीज के जीवन को मुसीबत में डाल सकती है। डॉ. राय ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में "2025 तक टीबी मुक्त भारत" बनाने के लिए एवं विश्व क्षयरोग दिवस पर ‘द क्लॉक इस टिकिंग’ मतलब घड़ी लगातार चल रही है, थीम के साथ मनाया जायेगा। हमारा प्रयास केंद्र सरकार के निर्धारित लक्ष्य 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। इसके लिए सरकारी तथा गै...

महिलाओं व बच्चों के कल्याण के लिए सरकार की नई पहल शुरू

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   प्रयागराज :  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने नई पहल की है। इसके तहत अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं को तीन वृहद परियोजनाओं में समाहित कर संचालित किया जाएगा, जिसमें मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति शामिल होंगे। मिशन शक्ति महिला व बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित सभी मिशन व योजनाओं का कंनर्वजेंस प्रोग्राम है। इसी में मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य तथा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी को शामिल किया गया है। देश में लगभग 68 फीसद आबादी महिलाओं एवं बच्चों की : वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 67.70 फीसद आबादी सिर्फ महिलाओं एवं बच्चों की ही है। देश के सतत एवं न्यायसंगत विकास के लिए महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनका सशक्तिकरण बेहद जरुरी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एक सुरक्षित माहौल में बच्चों की खुशहाली और सुपोषण सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। इसके साथ ही महिलाओं को सशक्त करने के लिए सुलभ, सस्ता, विश्वसनीय एवं सभी तरह के भेदभाव एवं हिंसा मुक्त माहौल प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। महिला एव...

आधुनिक युग की महिलाएं सशक्त व आत्मनिर्भर : सुषमा श्रीवास्तव

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   प्रयागराज:  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मानवाधिकार एसोसिएशन ने रविवार को मोती लाल नेहरू मण्डलीय चिकित्सालय (काल्विन) के सभागार में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुवात मुख्य अतिथि अर्चना त्रिपाठी (वित्त एवं लेखाधिकारी उच्चतर शिक्षा चयन आयोग प्रयागराज), कॉल्विन हॉस्पिटल की प्रमुख अधीक्षक डॉ० सुषमा श्रीवास्तव व विशिष्ट अतिथि डॉ० किरण मलिक सीएमएस तेज बहादुर सप्रू (बेली) हॉस्पिटल, प्रोफसर आभा सिंह सीएमपी डिग्री कॉलेज, डॉ० पुष्पा पाल निर्देशक एमजीएम हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के मण्डल प्रभारी महेन्द्र नाथ सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ० ईशान्या राज नैदानिक मनोवैज्ञानिक व हसन नकवी अल्पसंख्यक विदेश प्रकोष्ट ने किया। कार्यक्रम में स्वास्थ विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग सहित कई अन्य विभागों से करीब 65 महिलाओं को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। सुषमा श्रीवास्तव ने कहा कि पुरूष व महिला एक-दूसरे के पूरक होते हैं। अगर दोनों एक साथ समाज कल्याण का कार्य करेंगे तो उनका सम्मान हमेशा ...

:मूरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा वृहद मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर

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कौशाम्बी :जनपद में लगातार मानसिक विकारो की जागरूकता हेतु कार्यक्रम किये जा रहे हैं इसी क्रमबद्ध में राष्ट्रीय जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम कौशाम्बी में डॉ एस.के. झा, एसीएमओ एवं नोडल ऑफिसर, एनसीडी सेल, के नेतृत्व में वृहद मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं उपचार हेतु शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया | गावं के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे तथा लक्षित व्यक्ति को लाभ मिलने के उद्देश्य से शिविर का आयोजन ब्लाक स्तर पर किया गया | डॉ मनोचिकित्सक परामर्शदाता, डॉ जयनाथ बी.पी ने एक दिवसीय शिविर में आए लोगो को सरकार की योजनाओं के अंतर्गत दिए जा रहे सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया ब्लाक के लोगों को आसानी से उपचार उपलब्ध हो और मानसिक दिव्यांग लोगों को इसका लाभ मिल सके| उन्होंने शिविर में आए रोगियों के परिवार के सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया तथा विभिन्न मानसिक परेशानियों एवं उनके प्रकार के बारे में लोगों को जानकारियां प्रदान की एवं जिला अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चलने वाली सभी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया उन्होंने बत...