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अब होम्योपैथिक चिकित्सक भी देख सकेंगे कोरोना मरीज़

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  प्रयागराज: कोविड-19 के मरीजों की अस्पतालों में भीड़ रोकने के लिए आयुष मंत्रालय ने होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी ऐसे मरीजों को देखने की अनुमति दे दी है। मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक इन चिकित्सकों को लक्षणविहीन और शुरुआती लक्षण वाले मरीजों को देखना है। आगे की स्टेज वाले मरीजों को उच्चस्तरीय अस्पतालों में रेफर कर देना होगा। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जो मरीज होम आईसोलेशन में रहकर इलाज कर रहे हैं, उन्हें होम्योपैथिक चिकित्सक देख सकते हैं। उन्हें मरीजों को कोरोना का पूरा प्रोटोकाल फालो कराना होगा जैसे दो गज़ की दूरी लागू कराना, मास्क पहनवाना, हाथ लगातार धुलवाने की सलाह देना। गाइडलाइन में कहा गया है कि लक्षणविहीन कोरोना पाजिटिव मरीजों को होम्योपैथिक डाक्टरों को आरसेनिकम एलबम 30 सी की चार गोली दिन में दो बार सात दिन तक देना होगा। इसी प्रकार हल्के लक्षण वाले मरीजों को एकोनिटम नेपोलस, आरसेनिकम एलबम, बेलाडोना, बरयोनिया एलबा, इयूपाटोरियम परफोलियटम, फेरम फास्फोरिकम, गलसेमियम, फास्फोरस, रस टाक्सिकोडेंड्रम दवाएं चलेंगी। दवा की खुराक डाक्टर मरीज की हालत को देखकर तय करेगा। इ...

कोरोना प्रभावित बच्चों की सूचना 1098 या 181 पर देकर बने जिम्मेदार नागरिक

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  प्रयागराज : कोविड महामारी ने बच्चों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुछ बच्चों ने एक अथवा दोनों माता पिता को इस महामारी में खोया है। ऐसे बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण से बचाने के लिए उचित देखभाल एवं सुरक्षा की आवश्यकता है। यूनिसेफ द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में एक मीडिया बैठक का आयोजन मंगलवार को किया गया। बैठक में कोविड प्रभावित बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों के विषय में चर्चा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से बच्चों की सहायता व कोरोना से प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए जारी हेल्पलाइन नम्बर - 1098 व 181 - का प्रचार प्रसार करने का अनुरोध किया। यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की चीफ औफ़ फील्ड ऑफिस सुश्री रूथ लियनो ने कहा, “कोविड महामारी ने बच्चों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन बच्चों को देखभाल एवं सुरक्षा की आवश्यकता है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि ऐसे बच्चों की जानकारी मिलते ही चाइल्डलाइन 1098 अथवा महिला हेल्पलाइन 181 को सूचित करें”। प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग, सुश्री वी हेकाली झिमोमी ने कहा, “सरकार ऐसे बच्...

कौशांबी ने जारी किये कोविड हेल्पलाइन नंबर

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  कौशांबी : कोरोना से बचाव के लिये कौशांबी स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कोविड प्रोटोकाल का पालन करने का आहवान किया है। साथ ही एकीकृत कोविड कमाण्ड सेंटर कौशांबी ने कोविड हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है जिससे किसी भी मरीज को कोई दिक्कत न हो। मुख्य चिकित्सा अधिकारी पी.एन चतुर्वेदी ने कहा कि घर के आसपास साफ सफाई सेनेटाइजेशन न होने, एंबुलेंस, शव वाहन व अस्पताल में भर्ती के लिये व आक्सीजन के लिये मांग व शिकायत कर सकते है। इसके साथ ही होम आइसोलेट अथवा अन्य मरीजों के लिये टेली मेडिसिन के लिये भी संपर्क कर सकते है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रो में ग्राम पंचायत तथा शहरी क्षेत्रो में नगर अधिशाषी के द्वारा सफाई व सेनेटाइजेशन किया जायेगा। कोविड हेल्प लाइन नंबर --- 05331-232403 05331-232404 05331-232405 05331-232407 05331-232408 05331-232406 9454418030, 8115326665 अपने घर के आस-पास सफाई सफाई व सेनेटाइज कराने के हेतु 05331-232404 7393057388 एंबुलेंस, शव वाहन तथा अंतिम संस्कार हेतु मांग एवं शिकायत 05331-232404 7080039571 अस्पताल में भर्ती हेतु बेड एवं आक्सीजन सिलेंडर हेतु 05331-232404 945441...

कॉल्विन हॉस्पिटल में चला विश्व स्किज़ोफ्रेनिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

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  प्रयागराज, 24 मई 2021 : मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में सोमवार को विश्व स्किज़ोफ्रेनिया डे पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन और संचालन किया गया। यह कार्यक्रम प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुषमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने संचालित किया। विश्व स्किज़ोफ्रेनिया डे हर साल मई 24 को बड़े पैमाने पर लोगों के बीच जागरूकता लाने और इससे संबंधी इलाज को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रयागराज की टीम ने विश्व स्किज़ोफ्रेनिया डे कॉल्विन अस्पताल के पोस्ट कोविड केयर सेंटर और ओपीडी में मनाया। जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम से नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. ईशान्या राज, मनोसामाजिक सलाहकार डॉ. जयशंकर पटेल एवं मनोचिकित्सीय नर्सिंग ऑफिसर शैलेश कुमार ने लोगों को इस पर जानकारी दी और उपचार के बारे में बताया। हर वर्ष विश्व स्किज़ोफ्रेनिया दिवस पर अलग-अलग थीम होता है, इस वर्ष इसका थीम है उत्तम मानसिक स्वास्थ्य की खोज करना। इसके अंतर्गत हम खुद के और परिवार के मानसिक स्वास्थ्य की उत्तम देखरेख के लिए सही उपचार,मिथ्या और गलत धारणाओं को...

कोरोना से ठीक होने के बाद की थकान को दूर करने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी

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  प्रयागराज : कोरोना को मात देने के बाद भी बनी रहने वाली शारीरिक थकान और कमजोरी को दूर करने का सबसे सरल और सटीक उपाय है कि अपने खानपान में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो ऊर्जा बढ़ाने वाले हों । इसके लिए किसी चिकित्सक या दवा की जरूरत नहीं है बल्कि इसकी दवा तो आपके किचेन में ही मौजूद है, बस जरूरत है उसे जानने और दूसरों को समझाने की । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन- उत्तर प्रदेश के आयुष इकाई के महाप्रबंधक डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि केला, सेब, संतरा और नींबू जैसे ऊर्जा बढ़ाने वाले फलों के सेवन से कोरोना के बाद महसूस होने वाली थकान व कमजोरी को दूर किया जा सकता है । इसके अलावा सलाद और भोजन में उपयुक्त कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को शामिल करना भी उपयोगी साबित हो सकता है । आर्गेनिक शहद और नींबू के साथ गर्म पानी का सेवन भी किया जा सकता है, जो कि शारीरिक थकान को दूर कर शरीर को राहत पहुंचाएगा । डॉ. वर्मा का कहना है कि कोरोना के चलते होने वाली सूखी खांसी की समस्या से भी निजात पाने की सलाह बहुत से लोगों द्वारा मांगी जा रही है, तो उन लोगों को यही बताना चाहूंगा कि सूखी खांसी व गले में खराश को दूर ...

कोरोना में अपना और अपनों का यूँ रखे खयाल कि न पैदा हो तनाव

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  प्रयागराज: कोरोना शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी लोगों को परेशान कर रहा है। लोगों में कोविड-19 से स्वयं और अपने परिवार को बचा कर रखने का दबाव, साथ ही हर दिन बदलती जानकारी और नकारात्मक ख़बरों के कारण भी भय है। ऐसे में घर पर रहकर मानसिक तनाव से बचें के उपाय करना बहुत आवश्यक है। मोतीलाल मण्डलीय चिकित्सालय की नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. ईशान्य राज और मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान ने वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए कई लाभदायक सुझाव बतायें हैं। डॉ. ईशान्य राज कहती हैं कि कोविड-19 के संक्रमण को कम करने के लिए सरकार ने लॉकडाउन किया है। इस कारण लोग अपने घरो में रहने को मजबूर हैं, रोज़गार के साथ ही भविष्य की चिंता भी लोगो में बढ़ रही है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखना और भी ज्यादा आवश्यक हो जाता है। लॉकडाउन में घर के सदस्य रखें खयाल - डॉ. ईशान्य राज ने कहा कि लॉकडाउन में अपनी दिनचर्या को स्वस्थ और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए घर के सभी सदस्य एक दूसरे का सहयोग करें और सकारात्मक विचार ही रखें। खासकर महिलाओं पर इस समय घर के कार्य का दबाव बहुत अधिक है, पहले मह...

होम आईसोलेशन के नियमों में हुआ संशोधन

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  प्रयागराज : कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को अधिक सतर्क रहने की निरंतर सलाह दी जा रही है। कोरोना की पहली लहर की तुलना में इस बार अधिक लोग अस्पतालों तक पहुंच भी रहे हैं। लेकिन हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड मरीज घर पर रहकर भी स्वस्थ हो सकते हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आईसोलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइडलाइन्स जारी की है। यद्यपि, पिछले साल 2 जुलाई को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के माइल्ड एवं बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आईसोलेशन की सलाह दी थी। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर इसमें कुछ बदलाव किये गए हैं। योग्य मरीजों को ही होम आई आईसोलेशन में रहने की सलाह - गाइडलाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आईसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गयी है। होम आईसोलेशन के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सक के द्वारा चिकित्सकीय जांच के आधार पर हल्के/ बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ- आईसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्या...