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हम सबकी जिम्मेदारी, कोविड टीकाकरण पूर्ण हो हमारी

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 हम सबकी जिम्मेदारी, कोविड टीकाकरण पूर्ण हो हमारी  टीकाकरण जरुर कराएँ जनपद के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं : सीएमओ   कौशंबी 24 नवंबर 2021:  भारत ने 100 करोड़ डोज़ टीका लगाकर दुनिया के सामने कोविड-19 के प्रति अपनी सक्रियता को साबित किया है। विभाग ने 18 वर्ष से ऊपर के 1145985 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था। इसमें जनपद में 23 नवंबर तक प्रथम 893648 डोज़ यानि 78 प्रतिशत व सेकेंड डोज़ 302706 यानि 34 प्रतिशत टीकाकरण के पूरे किए जा चुके हैं। इसके चलते कोविड टीकाकरण में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यू.पी में जनपद कौशांबी छटवे स्थान है। छूटे हुए लोगों को टीकाकरण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए जागरूकता कैंप किए जा रहे हैं। साथ ही दस्तक अभियान के माध्यम से इन्हें चिन्हित कर प्रधान व आशा के जरिए टीकाकरण की उपयोगिता समझायी जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के सी राय ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि गर्भवती या धात्री महिलायें व बुजुर्ग टीकाकरण के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहते हैं। उनके परिवार के मुखिया से यह निवेदन है कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए बिना देरी क...

थैलेसीमिया पीड़ित प्रत्येक बच्चे को हर महीने खून की आवश्यकता 28 नवंबर

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 गर्भ में पल रहे बच्चे का कराएं थैलेसीमिया परिक्षण : सुशील तिवारी थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान करें  थैलेसीमिया पीड़ित प्रत्येक बच्चे को हर महीने खून की आवश्यकता 28 नवंबर को रामलीला पार्क में स्वैच्छिक रक्तदान हेतु समस्त जनों अपील : डॉ. ईशान्या राज प्रयागराज 25 नवंबर : थैलेसीमिया के प्रति जागरूक रहना व इसके साथ जीने के तरीके जानना ही इसका बचाव है। प्रति वर्ष अनेक शिशुओं की जान इस बीमारी से जाती है। इस बीमारी के वाहक इस रोग को और अधिक न फैला सके इसके लिए हमें हर तीसरे महीने रक्त की जांच करवानी चाहिए। इससे पीड़ित बच्चे को प्रत्येक वर्ष लगभग 10 यूनिट खून की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान जरूर करना चाहिए। एक यूनिट रक्तदान से बचती है चार जान  काल्विन चिकित्सालय ब्लड बैंक के परामर्श-दाता सुशील तिवारी ने बताया कि थैलीसीमिया मरीजों के लिए ब्लड बैंक में खून नि:शुल्क व बिना डोनेट किए प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए मरीज कि रिपोर्ट ब्लड बैंक में जमा करना होता है। अगर कोई भी व्यक्ति स्वस्थ है वह हर 3 महीने के अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान...

सीमित शिक्षित परिवार ही, देता हैं बेहतर भविष्य : डॉ. प्रभाकर राय

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 परिवार कल्याण कार्यक्रम पर हुई चर्चा  सीमित शिक्षित परिवार ही, देता हैं बेहतर भविष्य : डॉ. प्रभाकर राय  प्रयागराज 29 नवम्बर 2021 : जनपद एवं मंडल प्रयागराज के  शहरी क्षेत्रो में हो रहे परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति एवं भविष्य की रणनीति पर पीएसआई इंडिया द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन ग्रान्ड कॉन्टिनेंटल सिविल लाइन में संपन्न हुई | प्रयागराज मंडल के सभी जिलों प्रतापगढ़, कौशाम्बी , फतेहपुर के प्रतिनिधि ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया | कार्यशाला का उद्देश्य परिवार कल्याण कार्यक्रम के कार्यों को और बेहतर बनाने की रणनीति पर चर्चा करना रहा | डॉ. प्रभाकर राय अपर निर्देशक परिवार कल्याण स्वास्थ्य प्रयागराज ने कार्यशाला को दीप प्रज्वल्लित करते हुए कार्यशाला का शुभारम्भ किया |  डॉ. प्रभाकर राय अपर निर्देशक परिवार कल्याण स्वास्थ्य प्रयागराज ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में जनजागरूकता का होना बहुत जरुरी हैं एक आम इन्सान को जानकारी की आभाव में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं उन्होंने कहा कि आमजन को जानकारी देना ड्यूटी नही बल्कि धर्म समझे और सहयोगी भाव से...

प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह डॉ 'बाल नाटक सम्मान 2020' से हुए पुरस्कृत

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  लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर डॉ रवीन्द्र प्रताप सिंह को हिंदी बाल नाटक विधा में सतत योगदान देने हेतु उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा वर्ष 2020 का डॉ राम कुमार वर्मा बाल नाटक सम्मान प्रदान किया गया। जलवायु परिवर्तन , पर्यावरण असंतुलन एवं इसके द्वारा मानव संसाधनों की क्षति , सांसारिक गतिविधियों में छिपे रहस्य और बाल मन के अनगिनत प्रश्नो की श्रृंखला , उनके उलझे मन के विकसित उपादानों हेतु शैक्षणिक एवं सृजनात्मक रंगों के सफल प्रयास रवीन्द्र प्रताप सिंह के नाटकों में परिलक्षित हैं। 'एक था बच्चा चिड़िया का', 'खुशियां' , ‘गर्मी से बेहाल’,‘छोटी चिड़िया’,‘जंगल में गीत’ ,‘नदी बह रही धीरे धीरे’ ‘नीला पानी’,‘पिराना गीत’,‘पॉलिथीन को न हरियाली को हाँ’,‘बच्चे लाएंगे बदलाव’,‘बदलाव राग’,‘हम मानेंगे बात ‘‘हवा हमारी नदी हमारी’,‘गायब होती छाया’, ‘जंगल सबका’ ,‘प्रकृति राग’,‘जंगल के कट रहे सहारे’,‘डाबे और सिन्ना’, ‘कितनी दुनिया कितने तारे’, ‘आओ करें नया सा कुछ’ ,‘मेरा सागर’ , ‘चलता रहे निरंतर’ , 'पेंग ' ,' पिंजरा', 'कवि के साथ' उनके लोकप्रिय बाल...

महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी बहुत आसान- डॉ. सिंह

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  कानपुर। गुणवत्तापरक प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच जन समुदाय तक बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। इसी क्रम में 22 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत पुरुष लाभार्थियों का परिवार नियोजन पर संवेदीकरण के साथ गुणवत्तापूर्ण नसबंदी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एस.के.सिंह ने बताया कि ‘पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया’ थीम के साथ मनाए जा रहे पुरुष नसबंदी पखवाड़े के प्रथम चरण में 22 से 28 नवम्बर तक लक्षित दंपति को परिवार नियोजन के प्रति संवेदीकृत किया जा रहा है। द्वितीय चरण में 29 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक सेवा प्रदायगी सप्ताह के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा और स्वास्थ्य केन्द्रों पर पुरुष नसबंदी की सेवाएं दी जायेंगी। डॉ. सिंह ने बताया कि शारीरिक बनावट के आधार पर महिलाओं की अपेक्षा पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल और आसान होती है। पखवाड़े के प्रथम सप्ताह में आशा व ए.एन.एम. परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता, परिवार नियोजन के उपलब्...

नसंबदी कराने वालों में प्रयागराज के पुरुष आगे

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  प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में पुरुष नसंबदी कराने वालों में प्रयागराज के पुरुष सबसे आगे हैं। यहां पिछले पांच सालों से पुरुष नसबंदी के लिए प्रयागराज टॉप पर रहता है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रयागराज की टीम को सम्मानित भी किया जा चुका है। 22 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को इसमें ज्यादा से ज्यादा पुरुष नसबंदी कराने का निर्देश भी दिया गया है। यह पखवाड़ा चार दिसंबर तक चलाया जाएगा। इसमें जनपद की 4447 आशा कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को नसबंदी कराने के फायदे बताएंगी और इसके लिए प्रेरित करेंगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नानक सरन ने प्रत्येक ब्लाक स्तर से 10-10 व प्रत्येक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पांच-पांच पुरुष नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया है। यानि 325 नसंबदी करने का लक्ष्य टीम को शासन दिया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सत्येन राय ने बताया कि पखवाड़े की सफलता हेतु जिला स्तरीय बैठक कर सभी ब्लाक के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं बी.सी.पी.एम, बी.पी.एम, को निर्देशित किया गया हैं ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति ह...

दिव्यांग बच्चों को जोड़ें समावेशी शिक्षा से तभी लगेंगे इन सपनों को पंख : सविता जयसवाल

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  प्रयागराज : जनपद के दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग कि ओर से संचालित ‘बचपन डे केयर सेन्टर्स’ दिव्यांग बच्चों की प्री प्राथमिक पाठशाला है। यह स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के निकट स्थित है। विद्यालय में तीन से सात वर्ष के श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित व मानसिक अक्षम प्रभावित कुल 60 बच्चे पढ़ते हैं। पेशे से बतौर शिक्षिका (एचआई) सविता जयसवाल (उम्र-38) बीते पंद्रह वर्ष से विद्यालय में कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं। सविता ईमानदार व लगनशील अध्यापिका जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी नंद किशोर यागिक ने बताया कि इस विशेष पाठशाला में शिक्षक बड़ी मेहनत और लगन से अध्यनरत दिव्यांग बच्चों को शिक्षण प्रशिक्षण देने का कार्य करते हैं। किसी बच्चे के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी मार्ग है। विशेष शिक्षिका सविता जयसवाल बेहद ईमानदार व लगनशील अध्यापिका हैं। उनका इन बच्चों के साथ कार्य करने का लंबा व सफल अनुभव रहा है। दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग में बचपन डे सेंटर के अतिरिक्त श्रवण दिव्यांग बच्चों के लिए संकेत विद्यालय, दृष्टि दिव्यांग बच्चों के लिए स्पर्श व बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिये ममता विद्यालय ...