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अवेयरनेस डे पर हुआ तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन

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  प्रयागराज  :   जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ,   प्रयागराज द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवतपुर में अवेयरनेस डे पर तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन हुआ। जहां लोगों को सामान्य तनाव के कारणों ,   तनाव से संबंधित मानसिक परेशानियों और उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया।  कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नानक शरन व नोडल एनसीडी सेल डॉ राजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जहां  16  दिव्यांग लाभार्थियों को मानसिक दिव्यांगता प्रमाणीकरण निर्गत किया गया। कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक नूर आलम ने किया। नूर आलम ने बताया कि "समय समय पर कुशल नैदानिक मनोवैज्ञानिक ,  मनोचिकित्सक व चिकित्सकों की ओर से मानसिक जागरूकता स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है। मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लें यह तमाम बीमारियों का कारक बन रहा है। इसलिए सभी इसपर गंभीर होकर विचार करें व तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।" मनोवैज्ञानिक डॉ. पासवान ने कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य ...

हेल्थ एटीएम मशीन के जरिये जाँच होगी आसान, एक घंटे में मिल सकेगी रिपोर्ट

  प्रयागराज  8  नवम्बर   2022 :   जिले में जल्द ही मरीजों को ऑटोमैटिक हेल्थ एटीएम मशीन से जांच की सुविधा मिलेगी। जनपद के चिन्हित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पीएचसी में हेल्थ एटीएम मशीन लगेगी |  मशीन से महज कुछ ही मिनट में कई किस्म की जांच के बाद तुरंत रिपोर्ट मिल जाएगी।   अभी मरीजों की सरकारी अस्पताल की लैब या प्राइवेट पैथालॉजी में जांच हो रही हैं। जांच में वक्त लगता है और प्राइवेट पैथालॉजी में मरीजों को इसके लिए अच्छी खासी रकम अदा करना पड़ता है ,  लेकिन जल्द ही जनपद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को हेल्थ एटीएम मशीन से जांच की सुविधा  24  घंटे मिलेगी। इससे मरीजों के समय और धन की बचत होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नानक सरन ने बताया कि दो हेल्थ एटीएम डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एक हेल्थ एटीएम रेड क्रॉस सोसाइटी ने दिया है। अभी जनपद में तीन हेल्थ एटीएम लगेंगे। पांच हेल्थ एटीएम मशीन प्रयागराज स्मार्ट सिटी की ओर से शहर में प्रस्तावित हैं। रेलवे स्टेशन ,  बस स्टैंड आदि पर लगेगा। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट ...

लोहिया विधि विश्वविद्यालय में फिल्म स्टडीज पर विशेष व्याख्यान

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लखनऊ  : डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में  में प्रोफेसर पंकज जैन का फिल्म स्टडीज पर विशेष व्याख्यान हुआ। इस कार्यक्रम के अवसर पर प्रोफेसर आरपी सिंह एवं  विश्वविद्यालय की शिक्षिका डॉ अलका सिंह द्वारा लिखी गई पुस्तक "लिटरेचर एंड कल्चर: सेंस एंड सींस फ्रॉम पांडेमिक" का पुस्तक विमोचन डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुबीर भटनागर, मुख्य वक्ता प्रोफेसर पंकज जैन एवं विभागाध्यक्ष डॉ ए पी सिंह द्वारा किया गया। पुस्तक विमोचन के उपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भटनागर ने छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए कहा कि फिल्म स्टडीज इंटरटेनमेंट के अलावा और भी अन्य शोध आयामों के अवसर पर एक रोचक विचार है।  जहां एक ओर विभागाध्यक्ष डॉ ए पी सिंह ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए फिल्म शूटिंग की चर्चा करते हुए नए शोधों पर बात की वही बतौर मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश जैन ने अपने विशेष व्याख्यान में कहा कि "विविधता में एकता लिए भारतीय व्यंजन ,परिधान यहां की कला, संस्कृति ,मानवीय गुणों के सुरताल प्रकृति में बसा संगीत, वेदों का ...

:डेंगू के अन्डे 10 माह तक निष्क्रिय अवस्था में भी रहते हैं जिंदा

  डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से अहतियात का करें विशेष पालन आप सुक्षित रहेंगे तो अपने भी होंगे सुरक्षित: डीएमओ   •              डेंगू के अन्डे 10 माह तक निष्क्रिय अवस्था में भी रहते हैं जिंदा •              पानी के स्रोतों खत्म करने के बाद भी टलता नहीं डेंगू का खतरा •              साफ सुथरे शहरी इलाकों में रहने वालों को डेंगू का ज्यादा खतरा   कौशाम्बी :    जिला स्वास्थ्य विभाग डेंगू बीमारी को नियंत्रित करने के लिए नियमित प्रयासरत है। इसी क्रम में आभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में लार्वानाशक छिड़काव , फॉगिंग और सोर्स रिडक्शन किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि “ डेंगू के मच्छर साफ जगह (नमी या ठहरा हुआ साफ पानी) पर पनपते हैं। ऐसे लोग जो शहर में या साफ सुथरी जगह रहते हैं उन्हें डेंगू के मच्छर से विशेष तौर पर सावधान रहने की जरू...

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण के बाद खतरा अधिक

  कौशाम्बी 27 अक्टूबर 2022: समय पर डेंगू के लक्षण पहचान कर बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है। डेंगू के लक्षण शुरुआत में फ्लू के जैसे हो सकते हैं। इसलिए चिकित्सक की सलाह के अनुसार पहले जांच कराएँ फिर रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू करें। डेंगू के मरीज व जनसमुदाय डेंगू के सामान्य लक्षण को भी गंभीरता से लें व पूरे अहतियात के साथ पूरा इलाज कराएं। डेंगू को लेकर जरा सी लापरवाही पड़ सकती है जीवन पर भारी। यह कहना है जिला मलेरिया अधिकारी अनुपमा मिश्राका।   उन्होने कहा कि “ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे व बुजुर्गों के साथ-साथ ऐसे लोग जो डायबिटीज , टीबी , एचआईवी और कैंसर से पीड़ित हैं उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा है। डेंगू संक्रमित होने पर ऐसे लोगों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगता है व इन्हें रिकवर होने में अन्य लोगों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। इसके अलावा यदि किसी को पहले भी डेंगू बुखार हो चुका है और दोबारा फिर से संक्रमित हो जाता है तो डेंगू संक्रमण का जोखिम उस व्यक्ति को अधिक रहता है। “   खुद न बनें डॉक्टर , प्रमाणित चिकित्सालय में कराएं इलाज ड...

डेंगू से बचाव के लिए सुबह के समय अहतियात का करें विशेष पालन : जिला मलेरिया अधिकारी

   डेंगू के अन्डे  10   माह तक निष्क्रिय अवस्था में  भी रहते हैं जिंदा ·           पानी के स्रोतों खत्म करने के बाद भी टलता नहीं डेंगू का खतरा ·           साफ सुथरे शहरी इलाकों में रहने वालों को  डेंगू का  ज्यादा खतरा   प्रयागराज  :    जिला स्वास्थ्य विभाग   डेंगू   बीमारी को नियंत्रित करने के लिए नियमित प्रयासरत है। इसी क्रम में   आभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में लार्वानाशक छिड़काव ,  फॉगिंग और सोर्स रिडक्शन किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी आनंद सिंह ने  जन समुदाय से अपील करते हुए यह  कहा है कि “डेंगू से बचाव के लिए  सुबह  के समय अहतियात का करें विशेष पालन।“ उन्होने कहा कि  “डेंगू के मच्छर साफ जगह (नमी व    साफ   और   ठहरा हुआ पानी) में पनपते हैं। ऐसे लोग जो शहरों में या साफ सुथरी जगह रहते हैं उन्हें डेंगू के मच्छर से विशेष तौर पर सावधान ...

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में डेंगू के संक्रमण के बाद खतरा अधिक

  प्रयागराज  :   समय पर डेंगू के लक्षण पहचान कर बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है। डेंगू के लक्षण शुरुआत में फ्लू के जैसे हो सकते हैं। इसलिए चिकित्सक की सलाह के अनुसार पहले जांच कराएँ फिर रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू करें। डेंगू के मरीज व जनसमुदाय डेंगू के सामान्य लक्षण को भी गंभीरता से लें व पूरे अहतियात के साथ पूरा इलाज कराएं। डेंगू को लेकर जरा सी लापरवाही पड़ सकती है जीवन पर भारी। यह कहना है जिला मलेरिया अधिकारी आनंद सिंह का। उन्होने कहा कि  “ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे व बुजुर्गों के साथ-साथ ऐसे लोग जो डायबिटीज ,  टीबी ,  एचआईवी और कैंसर से पीड़ित हैं उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा है। डेंगू संक्रमित होने पर ऐसे लोगों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगता है व इन्हें रिकवर होने में अन्य लोगों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। इसके अलावा यदि किसी को पहले भी डेंगू बुखार हो चुका है और दोबारा फिर से संक्रमित हो जाता है तो डेंगू संक्रमण का जोखिम उस व्यक्ति को अधिक रहता है। “ खुद न बनें डॉक्टर ,  प्रमाणित चिकित्सालय में कराएं इलाज डॉक्टर...