जून माह में बच्चों की दस्त की समस्या को हल्के में न लें

  प्रयागराज : जिले में चल रहा सघन दस्त नियन्त्रण पखवाड़ा अब 30 जून तक चलेगा। इस दौरान क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता, एएनएम व निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ओआरएस व जिंक निःशुल्क उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में 10 प्रतिशत मृत्यु दस्त के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन बच्चों के अधिक दस्त व उल्टी को नियंत्रित करने के लिए ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) व जिंक के प्रयोग की सलाह देती है।

जिला सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधक अशफाक अहमद ने बताया कि जनपद में शासन के आदेश के बाद सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का समय बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। इसके अंतर्गत ऐसे परिवार जिनमें 05 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं व उनमें जो दस्त से ग्रसित हों व कुपोषित बच्चों वाले परिवार, खाना बदोश, ईंटभट्ठों पर कार्यरत मजदूर परिवारों के बच्चे व जनपद का वह क्षेत्र जो पूर्व में डायरिया आउटब्रेक हुआ हो वहाँ प्राथमिकता पर ओ.आर.एस. के पैकेट और जिंक की गोलियां पहुंचाई जा रही हैं व लोगो को दस्त नियंत्रण और प्रबंधन पर जागरुक किया जा रहा है।

जनपद के बादशाही मंडी में तैनात आशा कार्यकर्ता फिरदौस बानो ने बताया कि चल रहे अभियान के अंतर्गत अपने कार्यक्षेत्र के प्रत्येक घर में बच्चों कि संख्या के आधार पर उनके परिजन को जिंक व ओआरएस का पैकेट देकर इसके प्रयोग के विषय में बताती हूँ। इस समय डायरिया पीलिया व दिमाकी बुखार से बचने के विषय में भी लोगों को जागरूक कर रही हूँ।

मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय में तैनात सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन (वरिष्ठ सलाहकार बाल रोग) डॉ॰ आर॰एस दूबे ने बताया कि यदि बच्चे को पिछले पानी जैसा दस्त (मल) लगातार हो रहा हो व बार-बार उल्टी हो, अत्यधिक प्यास लगे, बुखार हो तो बच्चे को मानक अनुसार जिंक की गोली दें व ओआरएस का घोल दस्त के तुरंत बाद निश्चित समय अंतराल पर पिलाते रहें। प्यास लगने पर उबला पानी ठंडा कर पीने को दें। ओआरएस का घोल तब तक दें जब तक बच्चा सामान्य रूप से मूत्र त्याग न करने लगे। स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर बच्चे को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं।

ओआरएस व जिंक का प्रयोग
जिंक की गोली दस्त की अवधि और तीव्रता दोनों को कम करती है। वहीं ओआरएस की मदद से ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्टक यानी दस्तध के दौरान शरीर में इलेक्ट्रो लाइट की कमी को पूरा किया जाता है। प्रत्येक दस्त के बाद दो माह से कम आयु के बच्चे को पांच चम्मच ओरआरएस घोल व दो माह से दो वर्ष तक के बच्चे को एक चौथाई से आधा कप ओरआरएस घोल व दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को आधा कप से एक कप ओआरएस पिलाएँ। वहीं जिंक की गोली तीन महीने तक दस्त से सुरक्षित रखने के साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। दो से छह माह तक के बच्चों को जिंक की आधी गोली व छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को एक गोली दें। बच्चों में दस्त बंद हो जाने के बाद भी जिंक की खुराक 14 दिनों तक जारी रखनी चाहिए। ऐसा करने से अगले दो से तीन महीने तक डायरिया होने की संभावना भी कम हो जाती है।

घर पर बना सकते हैं ओआरएस
बाजार में अलग-अलग नाम से सस्ते दामों में ओआरएस उपलब्ध हैं। पर आपातकालीन स्थिति में ओआरएस का घोल आप अपने घर में भी बना सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग क्षेत्रों में तैनात आशा व आशा संगनी को प्रशिक्षण भी देता है। एक लीटर साफ पानी लें उसे उबाल लें, सामान्य तापमान में पानी आ जाने के बाद उसे साफ छलनी से छान लें व उसमें या 6 चम्म च चीनी और आधा चम्मच नमक डालें। अब इस मिश्रण को एक बोतल में भर लें और अच्छी तरह से शेक करें। कुछ ही देर में ओआरएस का घोल बनकर तैयार हो जाएगा।

बरतें सावधानियाँ
• दूषित पानी व बासी खाने खा प्रयोग न करें
• सफाई रखें ताकि मक्खीन मच्छ र पैदा न हो
• शौचालय प्रयोग का अभाव संक्रमण का कारण
• खाने से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धूलें
• जमीन पर पड़े वस्तु, खाद्य पदार्थ मुंह में न डालें
• पैकेट वाले तैलीय खाद्य पदार्थ व फास्ट-फूड न खाएं

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