प्रयागराज : देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ | जिसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नानक सरन ने की | उन्होंने प्रशिक्षण में जानकारी देते हुए जनपद के सभी अधीक्षक, बीसीपीएम, बीपीएम, को निर्देश भी दिया कि हर माह की 15 तारीख को निक्षय दिवस मनाया जायेगा जिसमे की ज्यादा से ज्यादा संभावित रोगियों कि जाँच कर ओपीडी के 10 प्रतिशत मरीज की टीबी स्क्रीनिग करना करना जरुरी हैं | यह बात प्रशिक्षण के दौरान डॉ. नानक सरन ने कही |
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि हर माह की 15 तारीख को जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा। किसी भी महीने में 15 तारीख को अवकाश की स्थिति में निक्षय दिवस अगले कार्य दिवस पर मनाया जाएगा | जिसके लिए जनपद की आशा, एनम, एचइओ को निक्षय दिवस कार्यक्रम के बारे में पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है और कार्यक्रम सम्बंधित सभी जानकारी दी जा चुकी हैं |
इन बिन्दुओं पर होगा खास ध्यान :
• निक्षय दिवस पर स्वास्थ्य इकाई पर आने वाले संभावित टीबी मरीजों की सूची के अनुसार उनकी जांच करायी जाएगी, एचआईवी-डायबिटीज की भी जाँच होगी |
• स्वास्थ्य इकाइयों पर सम्भावित मरीजों के बैठने की खुली जगह हो और इकाई के बाहर खुले स्थान पर बलगम के नमूने लेने के लिए कफ कार्नर बनाये जाएँ |
• क्षय रोगियों के लिए हर जरूरी दवाएं मुफ्त उपलब्ध हों |
• स्वास्थ्य इकाई पर टीबी की जाँच, उपचार के बारे में परामर्श की व्यवस्था की जाए|
• जनपद स्तर पर सीएमओ की अध्यक्षता में हर माह की 16 तारीख को मासिक बैठक कर निक्षय दिवस के समस्त कार्यों की समीक्षा की जाए |
संभावित क्षय रोगियों की पहचान के लिए प्रमुख लक्षण :
• दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी होना |
• दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आना |
• वजन में कमी आना/ भूख न लगना |
• बलगम से खून आना|
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